गोरखपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने दसवीं का परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन नीति जारी करते हुए स्कूलों को छात्रों के मूल्यांकन की कमान सौंप दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन में ईमानदारी नहीं बरतने वाले स्कूल कार्रवाई की जद में आएंगे।
परीक्षा
परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड कभी भी गड़बड़ी की आशंका या शिकायत मिलने
पर मूल्यांकन प्रक्रिया की अपने स्तर से जांच कर सकता है। इस दौरान छात्र
के साथ अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने पर बोर्ड स्कूल के खिलाफ सख्त
कार्रवाई करेगा। मूल्यांकन में निष्पक्षता व परिणाम को अंतिम रूप देने के
लिए स्कूल द्वारा प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी गठित की
जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।
सीबीएसई
दसवीं के मूल्यांकन की कमान देने के साथ दी चेतावनी
परीक्षा परिणाम के लिए स्कूलों को निष्पक्षता बरतने के निर्देश
बोर्ड
ने दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने को लेकर मूल्यांकन नीति जारी कर दी
है। स्कूलों को मूल्यांकन में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही ईमानदारी के
साथ ही नंबर देने को कहा है। ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो सके।
बोर्ड जल्द ही वेबिनार आयोजित करेगा, जिसमें प्रधानाचार्यों के साथ सीबीएसई
के जिला समन्वयक भी शामिल होंगे। वेबिनार में बोर्ड के विशेषज्ञ इस पूरी
प्रक्रिया की जानकारी देंगे। साथ ही बोर्ड एक पोर्टल ओपेन करेगा जिस पर
स्कूल छात्रों के नंबर अपलोड करेंगे। जिसके आधार पर बोर्ड द्वारा परिणाम
घोषित किया जाएगा।
अजीत दीक्षित, जिला समन्वयक, सीबीएसई
समिति में ये होंगे शामिल
दसवीं
का परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सभी स्कूल आंतरिक परीक्षा समिति का
गठन करेंगे। यह समिति प्रधानाचार्य के नेतृत्व में बनेगी, जिसमें
प्रधानाचार्य के अलावा विभिन्न विषयों (गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व
दो भाषाओं) के तथा दो शिक्षक पास के स्कूल से होंगे।

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