लखनऊ। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को समान पद का समान मानदेय दिया जाएगा। टेंडर में कंपनी बदलने पर पहले से कार्यरत कर्मियों को समायोजित भी करना होगा। नियुक्ति में उगाही और मनमानी की बढ़ती शिकायतों के बाद महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. बेदब्रत सिंह ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय तय करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि पहले से मिल रहा मानदेय किसी भी कीमत पर कम न हो। वित्तीय नियमों एवं श्रम विभाग के निर्देशों का ध्यान रखा जाए। जेम के माध्यम से आउटसोसिंग कर्मचारी रखते समय सुनिश्चित करें कि पहले से कार्यरत कर्मी की निरंतरता भंग न हो। इससे शासकीय कार्य में बाधा आती है। निर्देश जारी होने पर संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोसिंग संबिदा कर्मचारी संघ के महामंत्री सच्चिता नंद मिश्रा ने कहा कि इससे कर्मचारियों का शोषण रुकेगा और सेवा समाप्ति के नाम पर उगाही बंद होगी।
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कर्मचारियों को समान पद का समान मानदेय
14 नव॰ 2021
कर्मचारियों को समान पद का समान मानदेय
उगाही की मिल रही थीं शिकायतें
प्रदेश
में जेम पोर्टल से कर्मचारियों की भर्ती के आदेश के बाद सेंट्रलाइज्ड
टेंडर के बजाय हर जिले के सीएम ओ अपने स्तर पर टेंडर करा रहे हैं। कई जिलों
से यह शिकायत मिल रही थी कि सीएमओ हर साल पहले से वैनात लोगों को हटाकर नए
कर्मचारियों को रख रहे हैं। नियुक्ति में सुविधा शुल्क लेने के भी आरोप लग
रहे थे। यही नहीं अलग-अलग जिलों में एक ही पद के लिए अलग- अलग मानदेय देने
की बात सामने आई। इसके बिरोध में संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोसिंग कर्मचारी
संघ के अध्यक्ष रीतेश कुमार मल ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है।
हाईकोर्ट में याचिका पर 15 नवंबर को सुनवाई होनी है।
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