इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा महेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निदेशक उच्च शिक्षा ब्रह्मदेव और सचिव उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग सत्य प्रकाश को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इन्हें विज्ञापन संख्या 50 के लिए आयोग के संशोधित परिणाम में नवचयनितों को समायोजित करने के आदेश का अनुपालन करने के लिए एक एक माह का अवसर और प्रदान किया है।
यह
आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने प्रतीक गुप्ता व चार अन्य की
अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक माह में
आदेश के अनुपालन का हलफनामा नहीं दाखिल किया गया तो उक्त अधिकारियों पर
अवमानना का आरोप तय किया जाएगा। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने विज्ञापन
संख्या 50 में पांच विषयों में संशोधित परिणाम जारी किया था। आरोप है कि
संशोधित परिणाम के 18 नवचयनितों को ज्वाइनिंग नहीं मिली है जबकि कोर्ट ने
समायोजन का आदेश दिया था। गणित के याची अभ्यर्थियों ने अवमानना याचिका
दाखिल कर आदेश के अनुपालन का आदेश दिए जाने की मांग की है।
गौरतलब
है कि संशोधित परिणाम में नवचयनित एवं संशोधित परिणाम से बाहर हुए (नौकरी
में कार्यरत अभ्यर्थी) दोनों ने ही रिट कोर्ट के आदेश को लेकर सुप्रीम
कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है। निदेशालय को शासन से सुप्रीम कोर्ट में
विशेष अनुमति याचिका दाखिल करने की अनुमति मिल गई है, लेकिन एसएलपी दाखिल
होने की पुष्टि नहीं हुई है।

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