प्रतापगढ़ कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में कोहराम मचा रखा है।
इलाज में थोड़ी सी चूक से लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है। जिले में
अब तक 90 से अधिक लोग जान गवां चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के 13
शिक्षकों की भी संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई।
जिले
में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। हर दिन संक्रमितों
की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में अब तक सक्रिय मरीजों की संख्या 2561
के पार पहुंच चुकी है। इलाज में लापरवाही बरतने पर लोगों को जान से हाथ
धोना पड़ रहा है।
जिले में अब तक मौतों का आंकड़ा 100
के पार पहुंच चुका है। गौर करने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा स्वास्थ्य
विभाग के रिकार्ड के मुताबिक है।
मौत के वास्तविक
आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हैं। संक्रमण की चपेट में आने से बेसिक शिक्षा
विभाग के 13 शिक्षकों की भी मौत हो गई। इनमें पंकज पांडेय, गोविंद प्रसाद
श्रीवास्तव, डा. रश्मि सिंह, बद्री नारायण, अयाजुद्दीन, जगतपाल यादव,
अभिषेक श्रीवास्तव, रंजीत कुमार, प्रियंका सिंह, प्रदीप कुमार तिवारी,
धर्मा देवी, ज्ञानेश त्रिपाठी और अवनीश तिवारी शामिल हैं। इसके अलावा एक
अनुचर सुरेश गौड़ की भी मौत हुई है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ
है।
बीएसए कार्यालय में आयोजित हुई शोक सभा
प्रतापगढ़।
बीएसए कार्यालय में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता
में सोमवार को शोकसभा आयोजित हुई। जिसमें कोरोना संक्रमण से जान गंवाने
वाले शिक्षकों को श्रद्धांजलि दी गई। कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने मृत
आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
अशोक कुमार ने कहा कि ईश्वर परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
संवाद

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